कलेक्टर एवं एसपी ने किया जिला जेल खरगोन का आकस्मिक निरीक्षण
📝खरगोन से ब्यूरो चीफ अनिल बिलवे की रिपोर्ट…
09 जुलाई कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा ने जिला जेल खरगोन का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने जेल परिसर, व्यवस्थाओं एवं बंदियों को दी जा रही सुविधाओं का आकस्किम निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत जेल कार्यालय से हुई, जहां कलेक्टर सुश्री मित्तल ने साफ-सफाई, रिकॉर्ड आदि की जांच की। सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। पुलिस अधीक्षक श्री मीणा ने रिकॉर्ड को पुराने कपड़ों के बस्तों के बजाय कार्टुन में व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इसके पश्चात दोनों अधिकारियों ने जेल के अंदर का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल परिसर में बनी हरियाली, बगीचे और साफ-सफाई की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान विभागीय निधि से निर्मित 05 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष का अनावरण भी किया गया। अधिकारियों ने वीसी कक्ष में लगे सिस्टम व कैमरे का अवलोकन किया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने जेल परिसर में पौधारोपण भी किया। इसके बाद जेल अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जहां जेल चिकित्सक डॉ. अभिनव शर्मा ने बंदियों के इलाज और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। दोनों अधिकारियों ने पीआईयू द्वारा बनाए जा रहे तीन नवीन बैरकों का निरीक्षण किया। कार्यपालन यंत्री श्री मनदीप डावर एवं एसडीओ श्री पवन डावर ने निर्माण लागत एवं गुणवत्ता की जानकारी दी। कलेक्टर सुश्री मित्तल ने कार्य शीघ्र पूर्ण कर हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। जेल किचन में बन रहे भोजन की गुणवत्ता देखकर प्रसन्न हुए। उन्होंने बंदी बैरकों में जाकर बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन, वस्त्र आदि के बारे में जानकारी ली। साथ ही बंदियों से उनके प्रकरणों और अन्य समस्याओं के बारे में भी चर्चा की।
इस दौरान महिला बैरक में अधिकारियों ने महिला बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। तीन माह के एक बच्चे के बारे में भी जानकारी ली, जो अपनी दादी के साथ जेल में रह रहा है। जेल अधीक्षक श्री वीबी प्रसाद ने बच्चे के उपचार, टीकाकरण एवं पोषण संबंधी जानकारी दी। जेल अधीक्षक श्री प्रसाद ने कलेक्टर को बंदी परिजन मुलाकात प्रतीक्षालय एवं जेल के सामने वायरफेंसिंग कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी। अधिकारियों ने जेल के सीसीटीवी कैमरों का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर सुश्री मित्तल ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए 12 अतिरिक्त कैमरे लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जेल में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों का भी अवलोकन किया। शिक्षक सुरेंद्र गाडगे ने बंदियों के साक्षरता एवं उच्च शिक्षा कार्यक्रम की जानकारी दी। जेल अधीक्षक ने 5वीं एवं 8वीं कक्षा की परीक्षा केंद्र जेल में ही स्थापित करने का अनुरोध किया। जिस पर कलेक्टर ने आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
उप अधीक्षक श्रीमती सुभद्रा ठाकुर ने जेल सीमांकन का अनुरोध किया, ताकि भूमि अतिक्रमण रोका जा सके। जेल अधीक्षक श्री प्रसाद ने आईआईटी के माध्यम से बंदियों के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने का अनुरोध किया। जिस पर कलेक्टर सुश्री मित्तल ने एसडीएम श्री बीएस कलेश को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान रक्षित निरीक्षक, थाना प्रभारी मेनगांव एवं सम्पूर्ण जेल स्टाफ उपस्थित रहे।